
गजमती भानू ने कहा कि यह आयोजन जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने और सरकारी नाकामियों पर पर्दा डालने का एक प्रयास मात्र है। उन्होंने इसे 'फजूलखर्ची' करार दिया।
गजमती ने पिछले साल आयोजित 'सुशासन तिहार' का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान गांवों और कस्बों में लगाए गए शिविरों में आम लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, बल्कि केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं।
मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं
उन्होंने बताया कि अनेक शिकायतें लंबित रहीं और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण जनता को निराश होकर लौटना पड़ा। पिछली बार बिजली की कमी, पेयजल संकट, सड़क की खराब स्थिति और राशन वितरण में अनियमितताएं जैसे मुद्दे सामने आए थे, जिनका स्थायी समाधान नहीं हो सका।
भाजपा सरकार पर केवल प्रचार-प्रसार का आरोप
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल प्रचार-प्रसार पर ध्यान दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सुशासन चाहती है, तो उसे पहले जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
जनता के बीच जाएगी कांग्रेस
गजमति भानू ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।