
यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 में 1 जनवरी से 10 मार्च के बीच सड़क हादसों में कुल 89 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। इनमें जनवरी में 47, फरवरी में 30 और मार्च में 10 मार्च तक 12 लोगों की जान गई थी।
साल 2026 में इसी अवधि में यह संख्या घटकर 62 रह गई है। इस साल जनवरी में 36, फरवरी में 23 और मार्च में 10 मार्च तक 3 लोगों की मौत दर्ज की गई है। यानी पिछले साल की तुलना में इस साल 27 कम लोगों की जान सड़क हादसों में गई है।
पुलिस की सख्ती से बढ़ी चालानी कार्रवाई
चालानी कार्रवाई के आंकड़ों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2025 में 1 जनवरी से 10 मार्च तक कुल 14,162 चालान किए गए थे। इनमें जनवरी में 5,364, फरवरी में 7,245 और मार्च में 10 मार्च तक 1,553 चालान शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल जांच और चालानी कार्रवाई काफी बढ़ाई गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले, शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले और लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है।
3 महीने में 26 हजार से ज्यादा चालान
साल 2026 में इसी अवधि में चालानों की संख्या बढ़कर 26,234 हो गई है। इस साल जनवरी में 8,662, फरवरी में 14,704 और मार्च में 10 मार्च तक 2,868 चालान किए गए हैं। यानी पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 85 प्रतिशत ज्यादा चालान हुए हैं।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार जांच
यातायात पुलिस दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे, सेंट्रल एवेन्यू मार्ग, दुर्ग शहर, सुपेला चौक, नेहरू नगर चौक और पावर हाउस चौक जैसे व्यस्त और दुर्घटना संभावित स्थानों पर लगातार वाहन जांच कर रही है। यहां हेलमेट चेकिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव जांच और तेज, लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। वाहन चालकों को समझाया जा रहा है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और सड़क पर सावधानी से गाड़ी चलाएं।