
पचौरी अपने अधिवक्ताओं के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। बताया कि मामले की जांच रिटर्निंग ऑफिसर और बीएलओ ने की थी, जिसमें सभी मतदाता सही पाए गए। इसके बावजूद कुछ लोगों से दबाव डालकर हलफनामे दिलवाए गए। भाजपा ने सीईओ को रहवासियों के काउंटर एफिडेविट भी सौंपे हैं। इनमें पोखन लाल साहू और हमीर सिंह यादव ने कहा है कि उनसे दबाव बनाकर शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर कराए गए थे।
जांच में दावा गलत निकला था
वहीं, अधिवक्ता ओम पाटीदार के अनुसार कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और मनोज शुक्ला ने कुछ रहवासियों के शपथ पत्रों के आधार पर निर्वाचन आयोग में शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि नरेला विधानसभा क्षेत्र की रतन कॉलोनी के एक मकान में 30 से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। हालांकि, एसडीएम स्तर पर हुई जांच में यह दावा गलत और निराधार पाया गया।